‘Shaktimaan’ Geeta was insulted at the award show, left the show

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शक्तिमान में गीता आस्था बनी वैष्णवी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में वह मुंबई ग्लोबल अचीवर्स अवॉर्ड का जिक्र कर रही हैं. वैष्णवी कई सालों से इंडस्ट्री का हिस्सा और जाना-पहचाना चेहरा हैं। अफसोस की बात है कि इतने सालों के बाद भी एक्ट्रेस को वो सम्मान नहीं मिला जिसकी वो हकदार हैं.

90 के दशक के कई ऐसे सीरियल हैं, जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। इनमें से हम सभी का अपना पसंदीदा शक्तिमान है। 90 के दशक के इस शो ने बच्चों पर ऐसा जादू बिखेरा कि इसके किरदार आज भी हमारे जेहन में हैं. शो के मुख्य कलाकार मुकेश खन्ना और वैष्णवी महंत थे। मुकेश खन्ना ने शो में शक्तिमान की भूमिका निभाई थी। वहीं वैष्णवी ने गीता विश्वास का किरदार निभाकर सबके दिलों में खास जगह बनाई थी. अफसोस की बात है कि कल तक वैष्णवी घर-घर में मशहूर थी। आज अवॉर्ड शो में उन्हें अपमान के घूंट पीने पड़ रहे हैं.

जब अवॉर्ड शो में वैष्णवी का हुआ अपमान

शक्तिमान में गीता आस्था बनी वैष्णवी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में वह मुंबई ग्लोबल अचीवर्स अवॉर्ड का जिक्र कर रही हैं. वैष्णवी कई सालों से इंडस्ट्री का हिस्सा और जाना-पहचाना चेहरा हैं। अफसोस की बात है कि इतने सालों के बाद भी एक्ट्रेस को वो सम्मान नहीं मिला जिसकी वो हकदार हैं.

वीडियो में एक्ट्रेस ने बताया कि कैसे उन्हें सबसे पहले मुंबई ग्लोबल अचीवर्स अवॉर्ड में अवॉर्ड देने के लिए बुलाया गया था. इसके बाद सबके सामने उनका अपमान भी किया गया। वैष्णानी का कहना है कि आयोजक ने उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस फॉरएवर का अवॉर्ड देने के लिए बुलाया था। लेकिन दुख की बात ये है कि स्टेज पर अवॉर्ड देने के लिए वो मेरी जगह किसी वंदना का नाम ले रही थीं. एक बार नहीं बल्कि तीन-चार बार वंदना का नाम लिया। उनकी जगह एक वंदना का नाम सुनकर एक्ट्रेस को काफी गुस्सा आया। लेकिन वैष्णवी ने यह भी तय कर लिया था कि अगर वह वहां गई तो लोगों को सबक सिखाए बिना नहीं लौटेगी।

वैष्णवी महंत (मैकडोनाल्ड) (@vaishnavimacdonald_official) द्वारा साझा की गई एक पोस्ट

पुरस्कार लेने से किया इनकार

वैष्णानी का कहना है कि वह पुरस्कारों की भूखी नहीं थीं। लेकिन अगर किसी को सम्मान मिल रहा है तो उसके लिए हमें शुक्रगुजार होना चाहिए। यही सोचकर वह इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने चली गई। जब उन्हें वंदना के नाम से मंच पर बुलाया गया तो वह वहां गईं। लेकिन आयोजक का पुरस्कार लेने से इनकार कर दिया. वो कहती हैं कि जब वो लोग मेरा नाम तक नहीं जानते तो मैं अवॉर्ड का क्या करूंगी. इस तरह वो वहां से बिना कोई अवॉर्ड लिए वापस आ गईं. जो सही भी था।

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